मेरा जीवन तथा ध्येय | Mera Jeewan Tatha Dhyeya by Swami Vivekanand Hindi PDF Book

मेरा जीवन तथा ध्येय pdf

मेरा जीवन तथा ध्येय ( Mera Jeewan Tatha Dhyeya PDF ) के बारे में अधिक जानकारी

पुस्तक का नाम (Name of Book)मेरा जीवन तथा ध्येय / Mera Jeewan Tatha Dhyeya
पुस्तक का लेखक (Name of Author)Swami Vivekanand
पुस्तक की भाषा (Language of Book)हिंदी | Hindi
पुस्तक का आकार (Size of Book)2 MB
पुस्तक में कुल पृष्ठ (Total pages in Ebook)45
पुस्तक की श्रेणी (Category of Book)Spiritual

पुस्तक के कुछ अंश (Excerpts From the Book) :-

इसमें भारत के दुखी मानवों की वेदना से विह्वल उस महात्मा के हृदय का बोलता हुआ चित्र है। इसमें प्रस्तुत है उसका उपचार जिसके आधार पर मात्रभूमि को पुनः अपने अतीत यश पर वे ले जाना चाहते थे । यही एक ऐसा अवसर था जब उन्होंने जनता के समक्ष अपने जी की जलन रखी, अपने आन्तरिक संघर्ष और वंदना को उघाड़ा |

राजयोग PDF
कर्मयोग PDF
प्रेमयोग PDF
भक्ति योग PDF

अपने कार्य का अंकन करने के लिए, जो कुछ भी मैं अपने अल्पाति – अल्प स्वरूप में कर सक रहा हूँ, मैं चाहूँगा कि आपको कल्पना द्वारा भारतवर्ष ले चलूँ। समय का अभाव है, विषय के अनेकों अंग- उपांग हैं, और एक विदेशी जाति की गहनताओं का विश्लेषण है । सभी प्रकार की कठिनाइयाँ तो हैं, तो भी इतना अवश्य सोचता हूँ, कम से कम इतना अवश्य बता सकूँ कि भारत सचमुच कैसा देश है।

भारत एक ऐसी विशाल इमारत की नाई है जो एकाएक ढा दी गई हो, पहिले देखने पर जिसके जीर्णोद्धार की कोई आशा- किरण न हो। वह एक बीते हुए राष्ट्र का भग्नावशेष है । पर थोड़ा और रुकिये, रुक कर देखिये, जान पड़ेगा कि इन खंडहरों के अन्तराल में और भी महत्वशाली चोजें हैं। सत्य यह है कि वह तत्त्व, कुछ वह आदर्श, मनुष्य जिसकी बाह्य व्यंजना मात्र है, जब तक कुष्टित अथवा नष्ट भ्रष्ट नहीं हो जाता, तब तक मनुष्य भी निर्जीव नहीं होता, तब तक उसके जीर्णोद्वार की आशा भी अस्त नहीं होती ।

नीचे दिए गए लिंक के द्वारा आप मेरा जीवन तथा ध्येय ( Mera Jeewan Tatha Dhyeya PDF ) डाउनलोड कर सकते हैं ।

Download

Please Rate it post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *